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नूंह 07 मार्च: नूंह जिला हरियाणा का पहला जिला है जिसे आई.एस.ओ. 9001:2015 का प्रमाण-पत्र दिया गया है।

नूंह 07 मार्च: नूंह जिला हरियाणा का पहला जिला है जिसे आई.एस.ओ. 9001:2015 का प्रमाण-पत्र दिया गया है। इस सचिवालय में साफ-सफाई से लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों का कार्य व्यवहार काफी अच्छा है। साथ ही सचिवालय परिसर में पीने के पानी व शौचलयोंकी व्यवस्था भी काफी अच्छी है तथा यहां कार्यालयों में कार्य करने की प्रणाली काफी बेहतर है। इन सभी बातों को लेकर आज लघु सचिवालय नूंह को आई.एस.ओ. द्वारा उपायुक्त मनीराम शर्मा को प्रमाण-पत्र देकर संमानित किया गया है।

इस मौके पर उपायुक्त मनीराम शर्मा ने कहा कि हमारे लिए आज गर्व की बात है कि लघु सचिवालय को आई.एस.ओ. द्वारा प्रमाण-पत्र दिया गया है। यह आई.एस.ओ. 9001:2015 का प्रमाण-पत्र गुणवत्ता के आधार पर व कार्य व्यवहार को लेकर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आज नूंह जिले के सचिवालय को पहला प्रमाण-पत्र मिला है। यह प्रमाण-पत्र लेने के उपरांत इसी तरीके से निरंतर सुधार की आवश्यकता है। ताकि सभी कर्मचारी व अधिकारी कार्यालयों में एक टीम वर्क के साथ कार्य करें और अपनी कार्य शैली की गुणवत्ता में सुधार लाए ताकि जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकें। उपायुक्त ने ओडीएफ को लेकर सभी कलैस्टर अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने गांव को 31 मार्च तक खुले में शौचमुक्त कराए। उन्होंने बताया कि नूंह जिले में पीछे जब ओडीएफ को लेकर सर्वे कराया गया तब यहां एक लाख 76 हजार परिवारों में से एक लाख 03 हजार परिवारों में शौचालय नही थे और जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए कलैस्टर अधिकारियों व कर्मचारियों की लगातार मेहनत के बाद अब लगभग तीन हजार परिवार ही ऐसे बचे जिनमें शौचालय नही है। यह कार्य भी 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने जिला नंूह के हाफिज, मौलवी,कारी व मफ्ती तथा अधिकारियों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन,ग्रामीण के अंर्तगत खुले में शौचमुक्त अभियान में सहयोग देने के लिए उन्हें बधाई दी। बैठक में उपस्थित मौलाना शेर मौ. ने उपस्थित सभी मौलवी,मुफ्ती को संंबोधित करते हुए कहा कि जिले में कुछ शरारती तत्व इस बात की अफवाह फैला रहें है कि बच्चों को विद्यालयों में बांझ बनाने के इंजेकशन व गोलियां खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वास्तव में विद्यालय आने वाले बच्चों को खून की कमी को दूर करने हेतू प्रति सप्ताह एक गोली आयरन की खिलाई जाती है जो बच्चों के लिए बहुत जरुरी है। इससे बच्चों में को कोई नुकसान नही होता है। विद्यालय में पढऩे वाले बच्चों,बच्चियां को इस प्रकार का कोई टीका नही लगता। उन्होंने बताया कि इसी तरह गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों को अनेकों तरह की बिमारियों से बचने के हेतू टीके लगाए जा रहे है।

उपायुक्त ने कहा कि यदि ये टीके नही लगेगें तो मॉं एवं बच्चों को जान लेवा अनेको बिमारियां हो सकती है। उन्होंने बताया कि पोलियों अभियान को लेकर अब से करीब 15 -20 साल पहले भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आई थी जिसका परिणाम आप लोगों के सामने है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जो इस प्रकार के टीके लगाए जा रहे है वो कई प्रकार की जानलेवा बिमारियों जैसे पोलियो,कुकर खांसी,चेचक,तेपदिक जैसों रोगों से सुरक्षा के लिए ये टीके लगाए जा रहें है। उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित मौलवी,मौलाना, मुफ्ती से आह्वान किया कि वे गांव में लोगों को जागरुक करें और अपने बच्चों को लगातार स्कूल भेजे। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे डाक्टरों की टीम बनाकर आज शाम को मजिस्द में जाकर मौलवी,मौलाना द्वारा लोगों को जागरुक करें। उपायुक्त ने बताया कि आगामी 6 माह में नल्हड़ मेडिकल कालेज व मांडीखेड़ा के अलाफिया हस्पताल को भी आई.एस.ओ. द्वारा प्रमाण-पत्र दिलवानें के प्रयास किए जाएगें।

इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त नरेश नरवाल ने कहा कि आज नूंह जिले के लघु सचिवालय को आई.एस.ओ. 9001:2015 का प्रमाण-पत्र गुणवत्ता के आधार पर दिया गया है। नूंह जिला आई.एस.ओ .प्रमाण-पत्र में पहला जिला होगा। उन्होंने बताया कि ओ.डी.एफ. में नूंह जिला के अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत काबले तारिफ है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हम नूंह जिले में विकास की गति को धीमा नही होने देगें। शिक्षा की दृष्टि से भी जिला प्रशासन का पूरा प्रयास है कि यहां के बच्चों को अच्छी तालिम हासिल हो ओर मेवात के बच्चें भी डाक्टर, इंजिनियर, व अन्य उच्चे पदों पर जाकर अपने परिवार व जिले का नाम रोशन कर सके। इस अवसर पर आई.एस.ओ. से आनद पाल सिंह, डी.पी सिंह, व नगराधीश प्रदीप अहलावत ने भी बैठक में अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर मुखयमंत्री के सुशासन सहयोगी मोहित सोनी, सचिव आर.टी.ए सुरेंद्र सिंह, आषिश कुमार,कवंर सिंह एचसीएस व मौलाना कारी मुफ्ती सहित जिला प्रशासन के संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।