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नूंह, 28 मार्च :- आमजन को जल्दी, सुलभ न्याय दिलाने के लिए आगामी 08 अप्रैल को स्थानीय न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

नूंह, 28 मार्च :- आमजन को जल्दी, सुलभ न्याय दिलाने के लिए आगामी 08 अप्रैल को स्थानीय न्यायिक परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना, मुआवजा, वैवाहिक, मजदूरी, जमीन अधीग्रहण मुआवजा, किराया, बैंक ऋण, राजस्व, मनरेगा, बाढ़ पीडि़त, बिजली व पानी बिल, बच्चों व पत्नी के लिए भरण-पोषण से संबंधित लंबित विवाद, चैक बाउंस तथा राजीनामा योग्य फौजदारी मामले शामिल होंगे।

मुख्य न्यायिक दंड अधिकारी नरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अब लोक अदालत को एक प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है, इसलिए जिलावासियों से अपील की है कि वे अपने लंबित मामलों अथवा मुद्दों को लोक अदालत में लेकर आएं। उन्होंने कहा कि विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा मुफत कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है, जिनकी वार्षिक आय डेढ़ लाख रुपए से कम, पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन जाति, महिलाएं एवं बच्चे, न्यायिक हिरासत, मानसिक रोगी, विकलांग व्यक्ति, औद्योगिक कर्मचारी, देह व्यापार या बेगार से पीडि़त, स्वतंत्रता सेनानी या आश्रित, सामूहिक विनाश जैसे बाढ़, भूकंप पीडि़त इलाके से संबंधित, जनहित याचिका, दंगा पीडि़त या आश्रित, उग्रवाद पीडि़त या आश्रित, वरिष्ठ नागरिक से संबंध रखते हों। फ्री कानूनी सहायता के अंतर्गत सरकारी खर्च से वकील उपलब्ध करवाया जाता है तथा कोर्ट फीस लगाना, गवाहों का खर्च, फैसले की नकल प्राप्त करना, टाइप आदि का खर्च भी सरकार अदा करती है।

उन्होंने बताया कि सुलह-समझौते के द्वारा न्यायालय में दायर किए बिना प्रथम स्तर पर भी विवादों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से मामलों का निपटारा संबंधित पार्टियों की सहमति से करने से भाईचारे की भावना को बढ़ावा मिलता है, बहुमूल्य समय तथा धन की बचत होती है। इसका अन्य उद्देश्य जन सहभागिता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा लोगों को लोक अदालत के बारे में जागरूक करने के लिए घर-घर पैरालीगल वालिंटियर्स भेजे जा रहे हैं