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नूंह 04 जनवरी:- आज नूंह खंड के गांव ईडंरी में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, द्वारा किसान मेले का आयोजन संगम पब्लिक स्कूल के प्रॉगण में किया गया। इसकी अध्यक्षता डा. प्रताप सिंह सभ्रवाल, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, द्वारा की गई।

नूंह 04 जनवरी:- आज नूंह खंड के गांव ईडंरी में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, द्वारा किसान मेले का आयोजन संगम पब्लिक स्कूल के प्रॉगण में किया गया। इसकी अध्यक्षता डा. प्रताप सिंह सभ्रवाल, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, द्वारा की गई। मेले में मुख्य अतिथि प्रोफेसर के.पी. सिंह, उप कुलपति, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार तथा विशिष्ठ अतिथि, भानीराम मंगला, अध्यक्ष, गौ सेवा आयोग, हरियाणा रहे। मेले में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। मेले में बागवानी विभाग से अब्दुल रज्जाक, एच.डी.ओ. सब्जी, फू लों व औषधिये पौधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डा. वी. के. शर्मा वरिष्ठ संयोजक, के.वी.के. मिंडकोला ने सरसों फ सल में लगने वाले सफेद रतुआ के बारे में विस्तार से उपचार के बारे में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त कृषि विज्ञान केन्द्र, मिन्डकोला के डॉ0 जितेन्द्र यादव, रसायनिक खादों र्व ओगनिक खाद के बारे में जानकारी दी। कृषि विषेषज्ञ डॉ0 महावीर सिंह मलिक ने गन्ना की खेती के बारे में विस्तार से बताया।

उप मण्डल कृषि अधिकारी,नूंह डा. अजीत सिंह ने कैशलैश के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी दी तथा उन्होने कहॉ कि इससे किसानों को खाद, बीज व दवाई इत्यादि सही रेट पर मिलेगें। उप कृषि निदेशक, डा. प्रताप सिंह सभ्रवाल ने अतिथिगणों को स्वागत किया तथा प्रधानमन्त्री फ सल बीमा योजना के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। उन्होने कहा कि प्रधानमन्त्री फ सल बीमा योजना प्राकृतिक आपदा का सुरक्षा कवच है। जिसमें फ सल बिजाई से लेकर फ सल कटाई तक की भरपाई की गई है। विशिष्ठ अतिथि भानीराम मंगला ने किसानों को खाद्यान फ सलों के साथ-साथ सब्जी उत्पादन के बारे में बताते हुए कहा कि इससे किसान अपनी आमदनी को दौगुनी कर सकते है और उन्होने हर घर में गाय पालने के लिए भी प्रेरित किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर, के. पी. सिंह, उप कुलपति, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने किसानों की प्रशंसा करते हुए बडे मन वाला बताया। उन्होने कहा कि सबसे सुरक्षित किसान है क्योंकि प्रधानमन्त्री फ सल बीमा योजना के अंर्तगत किसानों को पूरी सुरक्षा दी गई है। उन्होने किसानों को ओगनिक खेती तथा गऊशाला में केचुऑ खाद स्थापित करने बारे में सलाह दी। उन्होने कहा कि किसान अपने बच्चों को मधुमक्खी पालन, केचुऑ पालन व बिस्कुट बनाने का प्रशिक्षिण दिलाए जिससे कि वे आत्म निर्भर बन सकें। कृषि मेले में कृषि प्रर्दशनी भी लगाई गई तथा अच्छी नस्लों की भैसों को ईनाम भी दिया गया। मेले में लगभग 1000 किसानों ने भाग लिया। उप निदेषक, (पशु पालन), नूंह द्वारा सभी अतिथिगणों, किसानों एवं वैज्ञानिकों का पहुॅचनें पर धन्यवाद किया। जिससे कि वे आत्म निर्भर बन सकें। कृषि मेले में कृषि प्रर्दषनी भी लगाई गई तथा अच्छी नस्लों की भैसों को ईनाम भी दिया गया।